Fibonacci and golden ratio (फिबोनाच्ची श्रेणी)

हेल्लो फ्रेंड्स, आज Be Expensive के Be Educated के इस लेख में हम आपको फिबोनाच्ची श्रेणी ( Fibonacci SequenceFibonacci and golden ratio ) के बारेमे इनफार्मेशन देंगे और साथ ही Fibonacci Sequence नेचर के साथ कैसे कनेक्ट होती है उसमे भी बात करेंगे| सबसे पहले हम आपको Fibonacci Sequence क्या है उसके बारेमे बताते है|


फिबोनाच्ची श्रेणी क्या है? (what is Fibonacci Sequence?)

इस श्रेणी को फिबोनाच्ची श्रेणी (Fibonacci Sequence) नाम सबसे पहले ” Édouard Lucas” ने दिया था जो की एक फ्रेंच के गणितज्ञ है, और उन्होंने यह नाम 19वि शताब्दी में दिया था| लेकिन इस फिबोनाच्ची श्रेणी का उपयोग इसके कई वर्षो पहले से होता रहा है| फिबोनाच्ची श्रेणी का का सबसे पहले उपयोग भारत में होने के कई सारे साक्ष्य मिलते है|

भारत में इस श्रेणी का सबसे पहला प्रयोग आचार्य पिंगला जो की भारत के पुराने गणितज्ञ है उन्होंने अपने पुस्तक छंदशास्त्र में किया था| उसके बाद इस फिबोनाच्ची श्रेणी का प्रयोग भरतनाट्यम जो की भारत मुनि के द्वारा लिखा गया है उसमे भी मिलाता है| सबसे बेहतरीन तरीके से इस श्रेणी का विवरण विराहंका के माध्यम से मिलता है लेकिन उनके द्वारा इस फिबोनाच्ची श्रेणी पर किया गया कार्य अब उपलब्ध नहीं है| उसके बाद गुजरात में हुए जैनमुनि जो की “कलिकालसर्वज्ञ” के नाम से जाने जाते है उनके नाम से भी यह श्रेणी “हेमचन्द्र श्रेणी” के रूप में प्रसिद्ध हुई|
भारत के बहार भी फिबोनाच्ची श्रेणी काफी समय से प्रचलित थी| Leonardo of Pisa की पुस्तक Liber Abbaci में भी इसका महत्व दर्शाया गया है| Leonardo of Pisa ने खरगोश की संख्या इस श्रेणी की मदद से काउंट की थी|


फिबोनाच्ची श्रेणी का गणित ( mathematics of fibonacci sequence)

फिबोनाच्ची श्रेणी को बनाना बहोत ही आसान है, उसमे अगली संख्या को खोजने के लिए पिछली दो क्रमशः संख्या का जोड़ करना होता है|जैसे की ,
Fibonacci Sequence: 0,1,1,2,3,5,8,13,21,34,55,89,144,233,377,610,987,1597…… है|
प्रथम संख्या 0 है और दूसरी संख्या 1 है अब अगर हमें तीसरी संख्या चाहिए तो हमें प्रथम और दूसरी संख्या का जोड़ करना होगा जैसे की,
तीसरी संख्या = प्रथम संख्या + दूसरी संख्या = 0+1=1
चौथी संख्या = दूसरी संख्या + तीसरी संख्या = 1+1 = 2
पांचवी संख्या= तीसरी संख्या + चौथी संख्या =2+1=3
छठी संख्या = चौथी संख्या + पांचवी संख्या = 2+3=5
सातवी संख्या = पांचवी संख्या + छट्ठी संख्या = 3+5=8 ……..

some fact of Fibonacci and golden ratio

Joseph Schillinger एक म्यूजिक कंपोजर है और वह इस श्रेणी का उपयोग अपने म्यूजिक में करते है और उनका यह मानना है की इस से जो संगीत बनता है वह कुदरत के साथ अच्छा तालमेल बनाता है|

सनफ्लावर के जो स्पाइरल दिखाते है वोभी एक फिबोनाच्ची श्रेणी का ही एक्साम्प्ल है| साथी अनानस और समुद्र में बनने वाली लहरों भी फिबोनाच्ची श्रेणी को ही दर्शाती है| कई फ्लावर के पत्ते, स्टारफिश, Nautilus shell और शंख में भी फिबोनाची श्रेणी दिखती है| इन एक्साम्प्ल को समज ने के लिए आपको फिबोनाच्ची डायग्राम को समजना पड़ेगा जो की image में अच्छी तरह से दिया गया है|

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what is Golden ratio?


फिबोनाच्ची श्रेणी के दो क्रमश पद को डिवाइड करने पर जो जवाब मिलाता है उसे गोल्डन अनुपात(Golden ratio) कहा जाता है| फिबोनाच्ची के क्रमश दो अंक 5 और 8 है, अगर 8 को पांच से भाग दिया जाए तो जवाब 1.6 के आसपास ही आएगा और यही है Golden ratio.
image में हम आसानी से देख शकते है की हमारी बॉडी के अंग भी इसी Golden ratio के आधार पर ही विकास करते है|

This images shows how to nature relate with fibonacci and golden ration in hindi
human body with fibonacci and golden ratio

तो आज इस तरह हमने देखा की फिबोनाची श्रेणी और गोल्डन अनुपात कुदरत के साथ कैसे काम करते है| हमें आशा है की आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा, अगर आया है तो इसे शेयर करे अधिक से अधिक लोगो तक ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी साँझा करीऐ| धन्यवाद

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