हाइड्रोपोनिक्स क्या है| Meaning | Upyog | Hydroponics In Hindi

मानव सभ्यताओं में कृषि का इतिहास काफी पुराना है| आज के इस लेख के माध्यम से हम आपसे हाइड्रोपोनिक्स क्या है(What is Hydroponics in Hindi)?, उसके उपयोग क्या है, हाइड्रोपोनिक्स के न्यूट्रीशन क्या है, इसका इतिहास(History) क्या है आज यह किस तरह से उपयोग में लिया जा सकता है इस सभी विषय पर आपको अच्छी जानकारी प्रदान करेंगे|

आपने कभी न कभी देखा होगा की पानी की बोतल या पानी से भरे कोई भी बर्तन में पौधे को विकसित किया गया हो| इस तरह से पानी से भरे बर्तन में पौधे का विकास भी सही तरह से हुआ देखने को भी मिलता है| किसी भी पौधे को विकसित होने के लिए सिर्फ तिन चीज़ सूर्य प्रकाश, पानी और पोषकतत्व की आवश्यकता होती है| अब समजते है की हाइड्रोपोनिक्स से कैसे पौधे को विकसित किया जा सकता है |

हाइड्रोपोनिक्स क्या है
(Hydroponics Kya Hai)

किसी भी पौधे को विकसित होने के लिए सूर्य प्रकाश, पानी और पोषकतत्व की आवश्यकता होती है| लेकिन विशेष परिस्थिति और नियंत्रित आबोहवा में भी पौधे को सिर्फ पानी, बालू, या कंकर में भी उगाया जा सकता है| हाइड्रोपोनिक्स यह तकनीक है जिसमे नियंत्रित आबोहवा में भी पौधे को सिर्फ पानी, बालू, या कंकर में पौधे या किसी भी प्रकार की फसल को विकसित किया जाता है|

हाइड्रोपोनिक्स में नियंत्रित परिस्थिति

इस तकनीक के माध्यमसे जो जो भी पौधे को विकसित करना होता है उसे  15 से 30 के तापमान पर रखा जाता है| साथ ही 80 से 85 प्रतिशत आर्द्रता में उसे विकसित किया जाता है|

Meaning of Hydroponics

हाइड्रोपोनिक्स एक द्रीक भाषा का शब्द है| जिसमे हाइड्रो को मतलब होता है “पानी” और Ponos का मतलब होता है कार्य | इसे कभी कभी “साइललेस फार्मिंग” भी कहा जाता है|

हाइड्रोपोनिक्स से कैसे पौधे को विकसित किया जाता है?

किसी भी पौधे को विकसित होने के लिए उसमे काफी खनिजो एवम तत्वों की आवश्यकता होती है|सामान्य परिस्थिति में कोई भी पौधा या फसल खनिज या जरूरी तत्वों को जमीन से ग्रहण करता है| लेकिन हाइड्रोपोनिक्स में पौधे का विकास पानी, बालू या कंकर में होना होता है, इस वजह से खनिज और तत्व जैसे की फास्फोरस, मैग्नीशियम, नाइट्रोजन, कैल्शियम, पोटाश, सल्फर, जिंक और आयरन का एक विशेष घोल बनाया जाता है|

इस विशेष घोल को पौधे की आवश्यकता अनुसार उसे हप्ते पंद्रह दिन में दिया जाता है जिसे पौधे को पर्याप्त मात्रा में खनिज और अन्य तत्वों की आपूर्ति की जा सके|

हाइड्रोपोनिक्स का इतिहास
History of Hydroponics

ऐसा नहीं है की यह आज कल की तकनीक है जो आभी अभी कुछ ही सालो पहले विकसित हुई हो| इतिहासकार और अवशेषों को आधार बना कर देखे तो यह तकनीक काफी पुरानी और अच्छे तरह से उपयोग में ली जाने वाली है| सबसे पहले इतिहास में यह “बेबीलोन एम्पायर” में शुरू हुआ था| उस समय हैंगिंग गार्डन में भी इस तरह की तकनीक का सहारा लिया जाता था| अभी इराक में भी इसका काफी प्रचलन है|

सेंट्रल अमेरिका के Aztecs Garden को भी इसके उदहारण के रूप में ले सकते है| यह ट्राइबल लोगो के द्वारा अपने खाध्य सामग्री का उत्पादन करने के लिए इस तकनीक का प्रयोग करते थे| वे पानी की सतह पर मिट्टी का लेयर बहोत से सपोर्ट के माध्यम से बनाते थे| जिस में पौधे को विकसित करते थे| इसमे भी पौधे के जड़ निचे पानी में ही रहती थी|

आधुनिक हाइड्रोपोनिक्स की शुरुआत 1920-1930 के बिच डॉक्टर विलियम एफ. गेरिक जो कैलिफ़ोर्निया में प्रोफेसर थे उन्होंने की है|

हाइड्रोपोनिक्स के प्रकार

पानी की उपलब्धि के आधार पर इसमे छ अलग अलग प्रकार के मेथड को विकसित किया गया है| यह सभी प्रकार कुछ इस प्रकार है|

  • Deep Water Culture Hydroponics
  • Aeroponics
  • Wick System
  • Nutrient Film Technique System
  • Ebb and Flow System
  • Drip System

Deep Water Culture Hydroponics

एक फोम की शीत को अधर बनाकर पौधों को सस्टेन किया होता है| ये सभी पौधे अपने जरूरी तत्वों(Nutrient Solution) को पानी से लेते है| साथ ही एक एयर स्टोन को भी रखा जाता है| ये एयर स्टोन एयर पंप के माध्यम से बबल को बनाता है|

Aeroponics

इस तकनीक ने पौधे की जड़ हवा में लटकती रहती होती है| खनिज और तत्वों से बना घोल पंप के द्वारा पौधे की जड़ पर स्प्रे किया जाता रहता है| इससे पानी, खनिज और हवा तीनो की आपूर्ति की जा सके|

Wick System

इसमे अधिक तफावत नहीं है| इसमे दो लेयर में काम होता है| निचले लेयर में पानी में ऑक्सीजन को मिलाया जाता है और बाद में उसे उपर के लेयर में एक wick के द्वारा भेजा जाता है|

Nutrient Film Technique System

इस सिस्टम में भी सिर्फ पानी देने के तरीको में बदलाव है| पहले पानी स्थिर मिलता था लेकिन इस सिस्टम के माध्यम से पानी एक फ्लो के माध्यमसे हर प्लांट को टच करते हुए निकलता है|

Ebb and Flow System

यहाँ पध्धति बहोत हद तक Nutrient Film Technique System से जुडी हुई है| इसमे पानी को बहाव के साथ प्लांट की जड़ से स्पर्श करते हुए बहाया जाता है| लेकिन बिच में कुछ समय के लिए पानी के बहाव को रोक दिया जाता है|

Drip System

यह सिस्टम भी बहोत हद तक Nutrient Film Technique System से मिलती है| इसमे पानी का बहाव Drip एम्मिटर के बिच से जाता है| यह आजकल काफी प्रचलित पध्धति में से एक है|

Advantages of Hydroponics

इस प्रक्रिया में जलवायु की नियंत्रित परिस्थिति होती है इस वजह से पौधे और फसल का विकास अधिक और जल्दी होता है|

खनिज और पानी प्राप्त करने के लिए जड़ बढाने की आवश्यकता नहीं है| इस वजह से Nutrients को पत्ते के पास पहोचने में आसानी होती है|

पौधे को सामान्य परिस्थिति में मिट्टी के घर्षण से बहार निकलना पड़ता है| इस सिस्टम में वह घर्षण नहीं होता है जिसे पौधे के विकास में आसानी रहती है|

कम जड़ होने से काफी कम जमीन में ज्यादा पौधे लगाए जा सकते है| जिससे जमीन का यूटिलाइजेशन अच्छे से हो सकता है और उत्पादन में भी वृद्धि की जा सकती है|

नियंत्रित जलवायु में विकसित करने की वजह से रोग और अन्य जिव जंतु ऐ मुक्ति मिलती है|

इससे पौधे के विकास में जो अनिश्चितता है उसे दूर की जा सकती है और फसल को इंडोर और आउटडोर भी उत्पादित किया जा सकता है|

पौधे के विकास के लिए पेस्टीसाइड की कम जरूरत पड़ती है इस वजह से फसल और फ्रूट की क्वालिटी अच्छी और healthy होती है|

इसे नियंत्रित जलवायु स्थिति में इंडोर उत्पादन करना होता है इसलिए इसे किसी भी सीजन में साल के किसी भी समय में उत्पादित किया जा सकता है|

Disadvantages of Hydroponics

इसमे पंप, लाइट, कंटेनर, और Nutrients में पैसे की लागत अधिक आती है| इस वजह से पैसे के सन्दर्भ में यह काफी खर्चीला है|

यह एक वैज्ञानिक पध्धति है जिसमे आपको समय समय पर चेक करते रहना होता है की पौधा योग्य रूप से विकसित हो रहा है की नहीं|

पौधे की जड़ कमजोर होने की वजह से पौधे को सपोर्टऔर देखरेख की काफी आवश्यकता होती है|

Hydroponics Nutrients in Hindi

Hydroponics Nutrients बनाने में फास्फोरस, मैग्नीशियम, नाइट्रोजन, कैल्शियम, पोटाश, सल्फर, जिंक और आयरन आदि की आवश्यकता होती है| यह सभी एक लवण के रूप में बाज़ार में मिलते है| इनका घोल बनाकर जरूरी मात्रा में देना चाहिए| Hydroponics Nutrients का घोल बनाते समय कुछ सावधानिय अवश्य बरते जैसे की उसकी pH की मात्रा संतुलित रहनी चाहिए| गंदकी की या आवश्यकता से अधिक तत्वों न मिल जाए उसका ध्यान रखना चाहिऐ|

अधिक अच्छे से समजने के लिए निचे दिया गया विडियो अवश्य देखे| जो सस्ते में आपको बनाना सिखएंगा|

हाइड्रोपोनिक्स का सबसे अधिक उपयोग कहा किया जा सकता है|

यह तकनीक अब काफी प्रचलित एवम विकसित भी हो चुकी है| कई तरह के धान धान्य, फल आदि का उत्पादन इस पध्धति के द्वारा किया जाने लगा है| सबसे अच्छी बात इस पध्धति की यह है की इसमे जमीन की आवश्यकता नहीं है इसलिए शहरी विस्तारो में इसका प्रचलन काफी बढ़ा है|

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