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Hindi biography of Apj Abdul Kalam

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hindi biography of apj abdul kalam

Biography of Apj Abdul Kalam – The Missile Man of India

Be Expensive Reader…. आज के इस लेख में हम आपको Hindi Biography of Apj Abdul Kalam देंगे| काफी लोगो के जीवन में Biography of Apj Abdul Kalam प्रेरणा का स्त्रोत्र रही है| आज के इस लेख माध्यम से हम आपके लिए यह बायोग्राफी लेकर आये है जिसे आपको भी कुछ कर दिखाने की प्रेरणा मिले|

वेसे तो Apj Abdul Kalam के द्वारा खुद की लिखी हुई Book Auto Biography of Apj Abdul kalam है जिसे Wings of Fire के नाम से भी जाना जाता है यह बुक कई भाषा में उपलब्ध है| आज के इस लेख में जो हम आप को इनफार्मेशन देंगे वो उनके जीवन के कुछ महत्व पूर्ण अंश होंगे | हमें आशा है की आपको हमारा यह लेख Hindi Biography of Apj Abdul Kalam पसंद आएगा| हम उनकी बायोग्राफी उनके famous Quotes के माध्यम से शुरू करते है|

A dream is not that which you see while sleeping, it is something that does not let you sleep.

Apj Abdul kalam

हिंदी अनुवाद

सपना वो नहीं जिसे आप सोते हुए देखे लेकिन सपना वो है जो आपके सोने नहीं दे |

Apj Abdul kalam

APJ Abdul Kalam का थोडा परिचय

मूल नाम: Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam

जन्म तारीख: 15 October 1931

माता का नाम: Ashiamma

पिता का नाम: Jainulabdeen

जन्म स्थान: Rameswaram, Tamil Nadu,

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APJ Abdul Kalam का शुरूआती जीवन

APJ Abdul Kalam का जन्म रामेश्वर के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था| उनके पिताजी की आय(Income) उतनी अच्छी नहीं और उनके पास पुरखो की सम्पति भी उतनी नहीं थी| APJ Abdul Kalam की माता भी हाउस वाइफ थी| उनका परिवार उनके पुस्तैनी मकान में रहता था जो की पुराना था लेकिन मजबूत था| वे बचपन में उनके पिताजी के साथ हर शाम नमाज पढ़ने के लिए जाते थे|

Apj abdul कलामजी को उनके पिताजी ने बचपन से ही एक बात सिखाई थी की “जब आफत आये तो आफत की वजह समजने की कोशिश करनी चाहिए, मुश्किल वख्त में ही खुद की परख सही होती है|”

6 साल की उम्र के होने के बाद वह अपने मित्र जो की उनसे 15 साल बड़े थे,उनके साथ शाम को चलने के लिए निकलते थे| रास्ते में आते शिव मंदिर पर वे रोज परिक्रमा भी पूरी श्रद्धा से करते थे| उन्होंने अपने पिता से सेल्फ डिसिप्लिन और माता से अच्छाई के गुण सीखे थे|

1939 में उन्होंने जब वे 8 साल के थे तब उन्होंने अपनी पहली कमाई की थी| उनका चचेरा भाई शमशुद्दीन जो की समाचार पत्रिका बांटने का काम करता था लेकिन द्वीतीय विश्वयुद्ध के दौरान रेलवे का रामेश्वरम् रुकना बंध हो गया| उनके भाई शमशुद्दीन चलती ट्रेन से समाचार पत्र को फेंकते थे और APJ Abdul Kalam का काम उसे पकड़ कर इकठ्ठा करना था इसका उनको पैसा भी मिलता था|

APJ Abdul Kalam का एजुकेशन

APJ Abdul Kalam ने रामेश्वरम में शुरूआती शिक्षा ली| पढ़ने में वे शुरुआत में इतने ख़ास नहीं थे लेकिन उनकी पढ़ने और सिखने की इच्छा के कारण वे बहुत कुछ कर पाए थे| वे इत्तर प्रवृति की जगह पढ़ने लिखने में ही अपना अधिकतर समय निकालते थे|

पिता की अनुमति से उन्होंने पढाई के लिए अपने शहर रामेश्वरम को छोडा और रामनाथपुरम पुरम हाईस्कूल में पढ़ने के लिए गए थे| वहा उन्होंने Schwartz Higher Secondary School में एडमिशन लिया|

Schwartz HigherSchool में उनकी भेट अय्यादुराई सोलोमन हुई | कलाम के जीवन में अय्यादुराई सोलोमन का एक विशेष महत्व है, जिन्होंने उनको जीवन में काफी प्रभाव डाला| अय्यादुराई सोलोमन से उन्होंने सिखा है की जिंदगी में कामयाब होने और नतीजे हांसिल करने के लिए तिन ताकतों पर काबू पाना बहोत ही जरूरी है, ख्वाइश, यकीन और उम्मीद|

बाद में वह 1950 त्रिची में पढ़ने के लिए गए उन्होनें सेंट् जोसेफ़ कॉलेज B.Sc. में दाखिला लिया | कलाम बचपन से ही बड़े सपने देखते थे और कुछ कर दिखाने की उनमे चाहत थी इस लिए उन्होंने यह तय किया की B.Sc. से काम नहीं चलेगा तब उन्होंने MIT पे पढ़ने के लिए आवेदन किया| उन्हें MIT में पढ़ने के लिए एडमिशन भी मिल गया लेकिन फीस काफी महँगी थी| उनकी कॉलेज की फीस को भरने के लिए उनकी अक्का(बड़ी बहन) ने सोने के कड़े बेच कर फीस भरने के लिए पैसे दिए थे|

MIT में उन्होंने दो पुराने विमान देखे जो की काम के नहीं थे उसे देख कर कलाम काफी आकर्षित हुए थे और बाद में जब उन्हें कोर्स की पसंदगी करनी थी तो उन्होंने एरोनॉटिक्स की पसंदगी की|एरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग में होने के बावजूद वे कहते है की उन्होंने कभी भगवान के अस्तित्व को नकारा नहीं| वे हमेशा ही यह सोचते थे की कोई शक्ति है जो हमें यह सब करने के लिए प्रेरित करती है|

MIT में अभ्यास पूर्ण करने के बाद वह HAL में ट्रेनिंग के लिए गए जो की बंगलौर में स्थित है|

APJ Abdul Kalam और शिवानन्द की भेट

HAL में ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद उनके पास दो मार्ग थे एक था की वो डिफेन्स को ज्वाइन करे या दूसरा एयरफोर्स को| उन्होंने दोनों इंटरव्यू देने का फैसला किया| डिफेन्स के इंटरव्यू के लिए वह दिल्ली गए और बाद में एयरफोर्स के इंटरव्यू के लिए वह दहेरादून गए| एयरफोर्स में वह सेलेक्ट न होने पर वह काफी दुखी हुए और ऋषिकेश गए और गंगा में स्नान करने के बाद शिवानन्द आश्रम में गए|

शिवानन्द को मिलने के बाद वह अपनी न सेलेक्ट होने की बात कही| गुरु शिवानन्द ने उन्हें समजाया की ” ख्वाहिशें अगर दिल से निकली हो , वो पवित्र हो, उसमे पूरी सिद्दत हो तो उसमे कमाल के तरंग होते है जो आप सोते हो तब भी आपके लिए काम करते है और आपके लिए नयी सृष्टि बना ते है जो आपकी ख्वाहिश पूर्ण करने में मदद करते है|”

बाद में वह दिल्ली आये और डिफेन्स की और से उन्हें अपॉइंटमेंट लैटर दिया गया और पसंदगी की|

APJ Abdul Kalam की ADE में नियुक्ति

डिफेन्स में उनको ढाईसो रुपयें के मासिक पगार के बाद उनकी ADE(Aeronautical Development Establishment) में पसंदगी की गयी जो की बंगलौर में नहीं संस्था बनी थी| उन्होंन वहा पर एक होवरक्राफ्ट प्रोजेक्ट पर कार्य किया था जिसका नाम नंदी(भगवान् शिव का वाहन) था| प्रोजेक्ट समय से पहले पूर्ण हुआ लेकिन अधिकारी के आपसी मतभेद के कारण प्रोजेक्ट अपने गंतव्य तक नहि पहुच पाया| बाद में उनको INCOSPAR (Indian National Committee for Space Research) में ट्रान्सफर किया गया

APJ Abdul Kalam की INCOSPAR में नियुक्ति

नियुक्ति से पहले उनका इंटरव्यू लिया गया था जो विक्रम सारा भाई और MG मनोन ने लिया था| INCOSPAR में राकेट इंजिनियर के लिए पसंदगी की गयी| बाद में उन्हें छ माह के लिए अमेरिका भेजा गया ट्रेनिंग के लिए|

अमेरिका से वापिस लोटने के बाद भारत ने अपना पहला राकेट Nike Apache लांच किया जिसमे सफलता मिली| बाद में ISLV जो की विक्रम सारा भाई का स्वप्न था उस पर कार्य शुरू हुआ| ISLV जो की भारत का खुद का सेटेलाइट लांच व्हीकल था|

बाद में APJ Abdul Kalam को RATO प्रोजेक्ट पर कार्य करने के लिए भेजा गया| RATO के हेड उन्हें बनाया गया था| यह प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे भारत खुदका मिलट्री एयरक्राफ्ट बनाना था जो राकेट की मदद से उड़ सके| कलाम ने उस पर भी काफी अच्छा कार्य किया| लेकिन एक बड़ा अहम् प्रोजेक्ट शुरू हुआ मिसाइल बनाने का जिसमे विक्रम सारा भाई ने उन्हें उस प्रोजेक्ट का हेड नियुक्त किया|

APJ Abdul Kalam अपने दिन भर की सारी रिपोर्ट विक्रम सारा भाई को करते थे| एक दिन वह त्रिवेंद्रम एअरपोर्ट पर विक्रम साराभाई का इंतजार करते थे तब उन्हें समाचार मिला की विक्रमसाराभाई अब नहीं रहे| APJ Abdul Kalam indian science के राष्ट्रपिता विक्रमसाराभाई को मानते थे|

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APJ Abdul Kalam के जीवन मुश्किल वक्त

APJ Abdul Kalam के जीवन में एक मुश्किल वक्त आया जब एक के बाद एक तिन मौत हुई और वे अन्दर से तूट गए थे| पहले उनके खास मित्र और उनके बहनोई जलालुद्दीन की मृत्य, थोड़े समय बाद पिता की मृत्य और जब वे फ़्रांस काफी महत्व पूर्ण कार्य के लिए जाने वाले थे तब उनकी माता की मृत्य| ये तीनो मृत्यु की वजह से वह काफी दुखी हो चुके थे|

Hindi biography of Apj Abdul Kalam

फ़्रांस जाने के बाद वह वापस आये और PSLV के लांच पर कार्य शुरू किया तारीख भी तय की गयी और तय की गयी तारीख और समय पर PSLV को लांच भी कर दिया गया |

PSLV ने पहले स्टेज को सफलता से पूर्ण किया लेकिन दुसरे स्टेज में वह अपना संतुलन खो बेठा और लौंच स्टेशन से 560 KM दूर समुद्र में गिरा| कलाम ने इस नाकामयाबी के लिए खुद ही जिम्मेदारी स्वीकारी|

रोहिणी लौंच हुआ

पहले प्रोजेक्ट की निष्फलता के बाद इस प्रोजेक्ट पर भी कई तरह के लोगो ने सवाल उठाये| लेकिन एक प्रोजेक्ट हेड और एक जिम्मेदार व्यक्ति की तरह उन्होंने सभी आरोपों को अनसुना कर अपने कार्य को आगे बढाया और भारत का पहला rohini सेटेलाइट सफलता पूर्वक लांच किया|

रोहिणी के सफलता पूर्वक लांच होने के कारण वे बेहद खुश थे तो दूसरी और थोड़े नाखुश भी क्योंकि जब उन्होंने जीवन में इतनी बड़ी सफलता हांसिल की तब इन सफलता को प्राप्त कराने में जिसने सबसे अधिक मदद की वह साथ नहीं थे | उस वक्त उन्हें विक्रम साराभाई की , पिता और बहनोई की बहोत याद आई क्योंकि उन्ही की बदोलत वे आज इस मुकाम तक पहोच सके है|

Thinking is the capital, Enterprise is the way, Hard work is the solution.

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Apj Abdul Kalam की मिसाइल मैन बनाने की कहानी

समय था 1982 का जब इन्हें DRDL (डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी) में भेजा गया| अब भारत के रक्षा मंत्रीके द्वारा उन्हें भारत की खुद की मिसाइल बनाने को कहा था जिसे भारत को किसी अन्य देश के आधार पर न रहना पड़े| उस समय काफी कम देशो के पास यह उन्नत टेक्नोलॉजी थी|

सबसे पहले अग्नि मिसाइल बनाने का निर्णय किया गया| लगातार पांच वर्ष तक प्रयास कीये गए| कई देशो ने भारत पर कई तरह की पाबंधी लगायी| सरकार ने मजबूती से साथ दिया लेकिन जब पहला परिक्षण ना कामयाब हुआ तो लोगो और ख़ास कर मीडिया ने बहोत सी मजाक उड़ाई| प्रोजेक्ट से जुड़े लोग और उनमे खास कर कलाम काफी निराश हुए|

अखबारों ने विभिन्न प्रकार के रमुज के कार्टून बनाए जब की उन्हें सपोर्ट करना चाहिए था| दूसरी बार भी प्रयत्न निष्फल हुआ दूसरी बार भी वही हुआ जो पहली बार मिडिया कर्मी और अखबार वालो ने किया था | कलाम और उनके साथीओ ने हार नहीं मानी वे फिर से अपने कार्य में लगे इस बार वे सफल हुए भारत ने खुद की अग्नि मिसाइल बनायी और गिने चुने देश में शामिल हुआ| अखबारों के सुर बदले हर बार की तरह और कामयाबी की खबर छपी|

कलाम ने कामयाबी के दिन उस रात अपनी डायरी में लिखा है की “अग्नि सिर्फ एक मिसाइल नहीं है पर ए भारत देश के नागरिको के दिल में जलने वाली एक पवित्र अग्नि है|”

बाद में भारत ने आकाश, अग्नि, नाग, वायु जैसी मिसाइल बनायी और भारत को इस सन्दर्भ में स्वनिर्भर कर दिया|

भारत को मिसाइल के मामलो में उन्नत टेक्नोलॉजी देने और स्वनिर्भर बनाने के लिए Apj Abdul Kalam को The Missile Man” के नाम से जाना जाता है|

APJ Abdul Kalam एक राष्ट्रपति के रूप में

APJ Abdul Kalam ने 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति का कार्यभाल भी बखूबी संभाला था| उन्हें People’s President से भी पहचान मिली| उनके कार्यकाल में 21 मर्सी पिटीशन (फांसी की सजा को माफी देने की एप्लीकेशन) आयी थी जिसमे APJ Abdul Kalam ने सिर्फ एक को ही ख़ारिज की थी अन्य पर उन्होंने अपने कार्य काल में कोई भी फैसला नहीं लिया था |

उनके अच्छे कार्यकाल की वजह से उन्हें दूसरी बार भी प्रेसिडेंट बनाने की बात चली थी लेकिन राजनीति की माथापच्ची से वह अब दूर रहना चाहते थे|

APJ Abdul Kalam का अंतिम समय

दिन था 27 जुलाई 2015 का और जगह थी शिलोंग (मेघालय)| APJ Abdul Kalam वहा पर एक कार्यक्रम में भाग लेने पहोचे थे| 80 साल की उनकी उम्र थी, वहा के विद्यार्थी को संबोधित कर रहे थे और शुरू प्रवचन में ही उनको दिल का दौरा पड़ा| हमारे और भारत देश के कमनसीब की हमने एक रत्न को खो दिया|

अंतिम समय उनके पास सम्पति के नाम पर कुछ नहीं था लेकिन लोगो के दिल पर आज भी एक सच्चे देश भक्त के रूप में जीवित है| वो यह मानते है की अगर आपके पास ज्ञान हो तो उसे देश की सेवा में लगाना चाहिए| विदेश से आप पैसे तो कम सकते हो लेकिन मान इज्जत और लोगो के बिच लोगो का प्रेम कभी नहीं प्राप्त कर सकते |

Apj Abdul Kalam ने अपने जीवन में प्राप्त किये हुए अवार्ड

Apj Abdul Kalam को अपने जीवन में 25 से अधिक अलग अलग अवार्ड और ऑनर प्राप्त है जिसमे विभिन्न देशो की नामांकित यूनिवर्सिटी भी शामिल है तो भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भी शामिल है| हमने यह सिर्फ कुछ ही दिए जिसे आप देख सकते है|

YearAward/Honour
1981Padma Bhushan
1990Padma Vibhushan
1997Bharat Ratna
1997Indira Gandhi Award for National Integration
1998Veer Savarkar Award
2000Ramanujan Award
2007Honorary Doctorate of Science University of Wolverhampton
2007King Charles II Medal
2014Honorary professor Beijing University
Hindi biography of Apj Abdul Kalam

Hindi biography of Apj Abdul Kalam से प्रेरणा

कलाम के जीवन से काफी कुछ सिखाने को मिलता है| वह बचपन से ही एक ही विचारधरा को फॉलो करते थे की जिसमे भी इंटरेस्ट हो कार्य उसी में करना चाहिए| वो मानते थे की जिन बातो से तकलीफ होती है उससे तालीम भी मिलती है| उन्होंने अपने जीवन में स्वामी शिवानन्द के कथन को भी बड़ी अहमियत दी|

कलाम ने बचपने से कुछ संघर्ष देखे तो कुछ सफलता भी देखि लेकिन वह कभी भी दुःख से भागे नहीं और सुख और अत्यधिक सुविधा को अपने पर हावी नहीं होने दिया| वे मानते थे की आज की एक निष्फलता आपके लिए भविष्यमे अपार सफलता का कारण बन सकती है|

हमें आशा है की आपको हमारे इस लेख से जरूर कुछ अच्छी जानकारी मिली होंगी जो प्रेरणा दे सके| अगर आपको हमारा यह लेख Hindi biography of Apj Abdul Kalam पसंद आया हो तो आप इसे अधिक से अधिक लोगो के साथ शेयर कर सकते है |

आप हमें निचे कमेंट कर भी Hindi biography of Apj Abdul Kalam पर अपने विचार प्रगट कर सकते है| साथ ही आपको क्या प्रेरणा मिली वो भी आप कमेंट जरूर करे|

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