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Bird survey of INDIA 2020 says sparrow not being destroyed

क्या मोबाइल टावर की वजह से गोरेया की संख्या में कमी आयी है ?प्रजाति की संख्या में कमी के कई कारण है उसमे भी शहरीकरण, शिकार, निवास बनने की जगह और आवश्यकताओं के अनुसार खाना नहीं मिलना, इलेक्ट्रिक लाइन, घरमे पिंजरे में रखने की वजह भी उसमे सामिल है|

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this image shows how to mobile tower destroy sparrow

सलीम मोइज़ुद्दिन अब्दुल अली का नाम आपने सुना ही होगा…. नहीं सुना! हम बताते है ध्यान से पढ़िए| सलीम मोइज़ुद्दिन अब्दुल अली का जन्म 12 November 1896 में Bombay presidency British India में हुआ था|ये भारत के वो पक्षीविद है जिन्होंने भारत में पहला सिस्टेमेटिक सर्वे(bird survey of india) किया था पक्षीओ का| सलीम अली की आज भी कई बुक काफी प्रचलित है| उन्ही के नाम से आज भारत में सलीम अली पक्षी अभयारण्य (Salim Ali Bird Sanctuary) बनाया गया है जो की Goa में है| आज के इस लेख में हम उनकी इस लिए बात कर रहे है क्योकि हाल ही में भारत में state of Indias bird report 2020(bird survey of india) आया है जिसमे भिन्न भिन्न प्रजातियों के पक्षीओ की क्या स्थिति है वो दर्शाया गया है|

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state of Indias bird report 2020


state of indias bird report 2020 report को 17 February को गुजरात के गांधीनगर में 13वे conference of parties to the convention on migratory species में जारि किया गया | इस report की खास बात यह है की इस तरह का bird survey of india report भारत में पहली बार किया गया है जो की पक्षीका फैलाव और संख्या पर आधारित हो| और ये सभी उन पक्षी पर हुआ है जो की भारत में आसानी से देखने को मिल सकते है| इस report को तैयार करने के लिए दस संगठन ने काम किया है| इस report को तैयार करने के लिए जो सरकारी और खानगी संगठन ने काम किया है वे कुछ इस प्रकार है,

  1. Ashoka trust for research in ecology and the Environment
  2. Bombay natural history society
  3. Foundation for ecological security
  4. National biodiversity authority
  5. National center for biological science
  6. Nature conservation foundation
  7. Salim ali center for ornithology and natural history
  8. Wetlands international south Asia
  9. Wildlife institute of India
  10. World wide fund for nature India

सर्वे की कुछ ख़ास बाते (some important thing of bird survey)

पुरे सर्वे में 15500 birdwatcher (पक्षीविद) ने हिस्सा लिया था|
इस पुरे survey के लिए E-Bird नामक प्लेटफ़ॉर्म भी तैयार किया गया था|
इस में 867 पक्षी के बारे में survey किया गया, भारत में कुल 1300 पक्षी की प्रजाति है|
सभी पक्षीविद के द्वारा कुल 1 करोड़(10 million) ओब्सर्वेसन किये गए है|

पक्षी का सर्वे इतना खास क्यों है?(why is bird survey important?)

पक्षी का हमारे जीवन पर और हमारे आस पास की जो प्रकृति है उसपर काफी असर है| हमारे आसपास की प्रकृति किस दिशा की और जा रही है मतलब की उस में जो बदलाव आ रहा है वो हमारे लिए अच्छा है या नहीं उसका सीधा सम्बन्ध हम पक्षी पर से देख सकते है| पक्षी हमारे साथ संस्कृति और धार्मिकता से भी जोड़ा गया है| सीधे शब्दों में कहे तो पक्षी की वजह से हम इकोसिस्टम की हेल्थ को देख सकते है| पक्षी के माध्यम से हम इकोलॉजी में सुधर भी कर सकते है|

यह Bird Survey किस तरह किया गया?

यह पक्षीओ का survey मुख्यत्वे तिन हिस्सों में किया गया है| पहला, पिछल 25 वर्षो में कीसभी जाती के पक्षी की संख्या में क्या बदलाव आया है| दूसरा पिछले पांच वर्षो में इसमे क्या बदलाब आया है, और तीसरा पक्षी की विभिन्न प्रजाति कितने क्षेत्र में बढ़ी है और उनका क्षेत्र बढ़ा है की नहीं|

पिचले 25 वर्षो की बात करे तो जिस भी पक्षिओ की जानकारी मौजूद थी उसमे से इसवी.2000 तक 52% प्रजाति में संख्या की कमी देखने को मिली है और उसमे भी 22% ऐसी प्रजाति है जिसमे यह कमी बहोत ही अधिक मात्रा में है| 43% प्रजाति में उनकी संख्या में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलता है और 5% प्रजाति में पक्षिओ संख्या बढाती हुई दिखती है| इस पर से हम यह कह सकते है की यह हमारे लिए काफी चिंता का विषय है की सर्वे की आधी से ज्यादा प्रजाति में संख्या में कमी देखने को मिली है और उसमे भी 22% में तो यह गिरावट अधिक मात्र में देखने को मिल रही है|

पिछले पाच वर्ष की स्थिति

अंतिम 5 वर्षो की बात करे तो यह आंकड़े और भी चिंता जनक है| पिछले पांच वर्षो में 146 प्रजाति का Bird survey किया गया और उसमे से 80% प्रजाति में संख्या में गिरावट देखने को मिली है| और उसमे से भी 50 % से अधिक प्रजाति में यह गिरावट काफी चिंता जनक रूप में है|जब की 6% में स्थिति जैसी थी वैसी है और 14% प्रजाति में जन संख्या में बढ़ोतरी हुई है|

पक्षीओ के विस्तार को देखे तो 46% प्रजाति साधारण और जो पहले दिखती थी उसी विस्तार में देखने को मिलाती है| जबकि 33% प्रजाति पहले से अधिक विस्तार में देखने को मिलती है और 21% का विस्तार पहले से कम हुआ है या बहोत ही कम हुआ है|

Conclusion

इन आंकड़ो की मदद से 101 प्रजाति को high risk श्रेणी में रखा गया है , 321 प्रजाति को moderate risk श्रेणी और 442 प्रजाति को low risk श्रेणी में रखा गया है| raptors, migratory shorebird, habitat specialist और endemics में काफी गिरावट देखने को मिली है|जो प्रजाती छोटे जिव को खाती थी उनकी संख्या में भी काफी गिरावट देखने को मिली है| कबूतरों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही house sparrow और Indian peafowl में भी बढ़ोतरी देखने को मिलीं है|

fact check:

क्या मोबाइल टावर की वजह से गोरेया की संख्या में कमी आयी है ?

अभी के आयेBird survey में ये देखने को मिला है की Mobile Tower के रेडिएशन्स की वजह से गोरैया (sparrow) की संख्या में कोई कमी नहीं हुई है और Tower के रेडिएशन्स से उनको कुछ नुकशान भी नहीं होता है| Bird survey के हिसाब से शहर में उनकी रहने और खाने की कमी की वजह से संख्या कम हुई है|

प्रजाति की संख्या में कमी के कई कारण है उसमे भी शहरीकरण, शिकार, निवास बनने की जगह और आवश्यकताओं के अनुसार खाना नहीं मिलना, इलेक्ट्रिक लाइन, घरमे पिंजरे में रखने की वजह भी उसमे सामिल है|

तो यह था हमारा आर्टिकल Bird Survey पर जों आपके लिए जानना काफी जरूरी है क्योंकि इस Bird Survey से हमें यह पता चलता है की Mobile Tower के रेडिएशन्स की वजह से गोरैया (sparrow) की संख्या में कोई कमी नहीं हुई है|

हमें आशा है की आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा और आपको पक्षी के बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी| अगर आप इस मिली जानकारी से संतुष्ट है तो इसे अपने मित्रो के साथ शेयर करे, हम आगे भी आपको इस तरह की जानकारी देते रहेंगे इस लिए आप हमें फॉलो भी कर सकते है| आप यह लेख Be Updated में पढ़ रहे थे| धन्यवाद|

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