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7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

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Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

Motivational Sentences of The Bhagavad Gita in Hindi : कभी कभी जीवन में ऐसी परिस्थिति आ जाती है की क्या किया जाये, क्या होगा कुछ समज में नहीं आता है| सब अपने पराये लगते है और संसार छोड़ने के मन भी हो जाता है| ऐसी ही परिस्थिति एक बार भगवान् श्री कृष्ण के मित्र अर्जुन के सामने आई थी|

अर्जुन महाभारत के युद्ध में खड़ा था और सामने सभी उसके परिजन थे जिन्होंने उसको बड़ा किया पालन पोषण किया| अर्जुन कुछ ऐसी ही दुविधा में था की युद्ध किया जाए या युद्ध छोड़ कर पलायन किया जाए| तब श्री भगवान् कृष्ण ने अपने मित्र को सलाह के तौर पर श्रीमद भगवत गीता सुनाई थी|

श्रीमद भगवत गीता हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र पुस्तक माना जाता है| जिसमे भगवान् ने स्वयं अपने मित्र अर्जुन के झरिये पुरे विश्व को यह समजाय की वह कैसे अपने फर्ज का पालन करे और अपना कर्त्तव्य निभाये| भगवान् श्री कृष्ण और अर्जुन का वो संवाद भगवत गीता के नाम से जाना जाता है|

अब हम आपको भगवत गीता के सार सामान सात कथन कह रहे है जो आपको भगवत गीता के मर्म को समजने के लिए काफी मददरूप होगे|

भगवत गीता के 7 प्रेरणादायक कथन(7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita)

जो हुआ अच्छे के लिए हुआ| जो हो रहा है वह अच्छे के लिए हो रहा है| जो होगा वो भी अच्छे के लिए ही होगा|

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

यह श्रीमद भगवद गीता का सबसे लोक प्रिय कथन है| हम भावानाओं से भी जुडे है, इसी कारण से कभी कभी हमारे साथ बनती घटना हमें अन्दर से हिला कर रख देती है| ऐसी परिस्थिति में यह कथन काफी उपयोगी होता है| यह कथन हमे परिस्थिति को स्वीकार करने की शक्ति देता है और आने वाले भविष्य की चिंता से मुक्ति देता है|

परिवर्तन ही संसार का नियम है|

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

परिवर्तन जीवन में जरूरी है| दो तरह परिवर्तन आते है कोई अच्छा होता है तो कोई बुरा होता है| जीवन में सभी तरह के परिवर्तन को स्वीकार करना चाहिए| आज हम जो जीवन जी रहे है उसमे से पहले से ज्यादा बदलाव है, पहले से कम संघर्ष है| अगर हमारे पूर्वजो ने परिवर्तन को नहीं स्वीकार किया होता तो शायद आज जीवन का रूप अलग होता|

ध्यान से मन को वश किया जा सकता है और दीपक की लौ की तरह अतूट बनाया जा सकता है|

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

जीवन में अधिकतर समस्या का मूल कारण मन है| मन में में उद्भवते विचार की वजह से नयी नयी आशा बनती है और आशा की आपूर्ति के कारण दुःख की अनुभूति होती है| अगर मन को वश में किया जाए या स्थिर किया जाए तो अधिकतर दुःख वाही से दूर हो सकता है| मन को वश में करने का एक मात्र सचोट मार्ग ध्यान है| नियमित रूप से ध्यान करने पर मन को दीपक की लौ की तरह अतूट और अचल बनाया

मनुष्य विश्वास से बनता है जैसा मनुष्य विश्वास करेगा वह ऐसा ही बनता है|

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

किसी भी मनुष्य या जीवित प्राणी के लिए विश्वास सबसे बड़ा कारक है उसका कुछ बनने या न बनने का| हमने कई फिलोसोफर के या मोटिवेशन स्पीकर के माध्यम से यह सुना है की मनुष्य जैसा भविष्य चाहते हो ऐसा सोचना चाहिए| विश्वास भी इसी तरह से कार्य करता है| अगर हमें किसी भी लक्ष्य tak पहुचना है तो हमें उसके बारे में सोचना चाहिए जिसे नए नए मार्ग मिलते मिलते रहते है| अगर उससे विपरीत हम कुछ नहीं सोचेंगे या नेगेटिव (नकारत्मक) सोचेंगे तो ऐसा ही होगा| इसी लिए अपने पर विश्वास रखकर पॉजिटिव विचार करना चाहिए|

कर्म कर फल की चिंता नहीं |

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

कभी कभी हम आने वाले भविष्य की चिंता के कारण वर्तमान को ही बिगाड़ देते है| भविष्य में क्या होगा उसकी चिंता में अभी के कार्य में अपना पूरा ध्यान नहीं डे सकते| भविष्य में क्या फल मिलने वाला है उसे हम कभी तय नहीं कर सकते इसी लिए कर्म फल की चिंता छोड़ कर हमें अपने कर्म पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए| कर्म में 100 % देगे तो फल अक्भी न कभी अवश्यम्भावी है|

संदेह के साथ कभी ख़ुशी नहीं मिल सकती, न इस लोक में या न पर लोक में |

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

संदेह के साथ हम कभी खुश नहीं रह सकते, “संदेह मनुष्य के लिए जिन्दा चीता पर जलने के सामान है” | संदेह के कारण हम किसी भी परिस्थिति में खुद को अस्वस्थ महसूस करते है| कभी भी दुवीधा, या शंका को मनमे रख कर कोई भी मनुष्य खुश नहीं रहा है| इसे त्याग करने पर या समाधान करने [आर जो ख़ुशी मिलती वह अद्वितीय है|

व्यक्ति खुद का ही मित्र है और खुद का ही शत्रु है|

7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita

अंतिम और सबसे महत्व पूर्ण, “व्यक्ति खुद का ही मित्र और शत्रु है” जो व्यक्ति खुद को न पहचान सके वो किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल नहीं कर सकता है| जो खुदको पहचानता है वह अपनी शक्ति और अपने कमजोर हिस्सों के भी अच्छी तरह से जनता है| उसे यह पता है की किस क्षेत्र में मुझे अधिक महेनत की आवश्यकता है| सफल लोगो ने अपने जीवन रहस्यों में इस बात पर अधिक जोर दिया है की खुद को पहचाने|

श्रीमद भगवद गीता एक ऐसी बुक है जिसमे जीवन की सभी समस्या का हल है| यह बुक काफी लम्बे समय से लोगो के जीवन में मार्ग दर्शिका बनी हुई है| आज भी लोगो के जीवन में काफी बदलाव आये लेकिन यह बुक उतनी ही सक्षम है की अभी की परिस्थिति में वह सभी प्रश्नों के उत्तर दे|

यह भी पढ़े: गांधीजी के जीवन के बारेमे

आज के इस लेख में हमने आपको 7 Motivational Sentences of The Bhagavad Gita के बारे में प्रेरणादायक आर्टिकल प्रदान किया है| हमें आशा है की आप हमारे द्वारा दिया गया यह आर्टिकल पसंद आया होगा|

हम आपके लिए Be Expensive वेबसाइट के माध्यम से Be Inspired category में गीता के सभी 18 अध्याय के अलग अलग लेख देंगे जो आपको आगे के जीवन में मोटिवेशन प्रदान करे| अगर आप ऐसे ही और विषय पर आर्टिकल चाहते है तो कमेंट या contact us पेज पर जाकर हमसे संपर्क करे| धन्यवाद|

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