विश्व रंगमंच दिवस 2021 पर जाने क्या है रंगमंच का इतिहास और महत्व

विश्व रंगमंच दिवस 2021(World Theatre Day) हर साल 27 मार्च के दिन मनाया जाता है| यहाँ हम आपसे रंगमंच का इतिहास और महत्व को आपसे साँझा करेंगे जिसे आपको इस विषय में सही जानकारी मिल सके|

रंगमंच का इतिहास(History of World Theatre Day)

पुरे विश्व में रंगमंच का इतिहास एथेंस  से शुरू होता है| ऐसा माना जाता है की सबसे पहली पांचवी शताब्दी में  एथेंस में रंगमंच की शुरुआत हुई थी| यह उस समय काफी प्रचलित हुआ बाद में पुरे ग्रीस में थिएटर की शुरुआत हुई थी और तेजी से पुरे ग्रीस में भी यह फैला था|

साल 1961 में 27 मार्च के दिन इंटरनेशनल थिएटर इंस्टिट्यूट की स्थापना की गयी थी| इस वर्ष से 27 मार्च के दिन आंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन होता है| वैश्विक स्तर पर कैसे इसका महत्व बढ़ाया जा सके और लोगो को उपयोगी हो सके इस लिए संदेश हर साल दिया जाता है| पहली बार विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च 1962 को मनाया गया था और पहली बार जीन काक्टे (फ्रांस) ने यहाँ से संदेश दिया था|

विश्व रंगमंच दिवसका महत्व

रंगमंच एक ऐसा माध्यम है जिसे काफी लोग जुड़े हुए होते है| लोगो में जागरूकता लाने के लिए रंगमंच काफी महत्वपूर्ण बन सकता है| विश्व रंगमंच दिवस मनाने के पीछे मुख्या कारण लोगो को इसके प्रति जागरूक बनाना है| रंगमंच के कारण बहोत से लोग मनोरंजन से जुड़े हुए होते है, ऐसे में कोई भी महत्वपूर्ण संदेश और लोगो में जागरूकता लाने का कार्यक्रम रंगमंच से किया जा सकता है| यह लोगो पर बहुत अधिक प्रभावशाली तरीके से कार्य करता है| इसी दिन इंटरनेशनल थिएटर इंस्टिट्यूट किसी एक रंगमंच के कलाकार का चयन करते है जो भाषण देते है|

भारत की और से पहली बार 2002 में गिरीश कर्नाडने , इंटरनेशनल थिएटर इंस्टिट्यूट अपना वक्तव्य दिया था वह एक मात्र व्यक्ति है जिन्हें यह उपलब्धि प्राप्त हुई है|

भारत में अभी रंगमंच के हालत

भारत में रंगमंच का इतिहास काफी पुराना था| कई तरह के नाट्यकला और शास्त्रों की रचना हुई थी| कालिदास जैसे महान नाटक लेखको की भूमि रही है भारत| अभी की स्थिति में भारत में नाट्यकला की स्थिति गंभीर है| मल्टीप्लेक्स के कारण आज रंगमंच की महत्वता कम हुई है लेकिन आज भी भारत के कुछ कुछ ऐसे प्रदेश है जहा पर रंगमंच को अच्छे से संभाला जाता है|

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